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मत्तेवाड़ा जंगल को बचाने के आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े पर्यावरण प्रेमियों ने किया पौधरोपण

लुधियाना, 8 जुलाई: मत्तेवाड़ा जंगल को बचाने के लिए शुरू किए गए आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर पर्यावरण प्रेमियों ने मत्तेवाड़ा में सतलुज के किनारे श्री सुखमनी साहिब का पाठ करके पर्यावरण बचाने के लिए अरदास की गई। अरदास के बाद अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े पर्यावरण प्रेमियों के साथ स्थानीय गांवों के लोगों ने पौधारोपण कार्यक्रम शुरू किया। पौधे लगाने के लिए जहां बड़ी गिनती में बुजुर्ग व नौजवान शामिल हुए वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण कार्यक्रम पब्लिक एक्शन कमेटी व बुड्ढा दरिया एक्शन फ्रंट की अगुवाई में किया गया। पब्लिक एक्शन कमेटी के कर्नल सीएम लखनपाल ने बताया कि सतलुज के किनारे मत्तेवाड़ा जंगल के पास पंजाब सरकार टैक्सटाइल पार्क बनाने जा रही थी। पर्यावरण प्रेमियों को जैसे ही इस प्रोजैक्ट का पता चला तो सभी ने मिलकर टैक्सटाइल इंडस्ट्री से होने वाले प्रदूषणों पर चर्चा की। जिसके बाद सबने मिलकर पार्क के विरोध का फैसला किया। टैक्सटाइल पार्क से जहां सतलुज के प्रदूषित होने का खतरा था वहीं मत्तेवाड़ा जंगल को भी इससे बड़ा नुकसान होने वाला था। लोगों के विरोध को देखते हुए 11 जुलाई 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पब्लिक एक्शन कमेटी के साथ बैठक करके इस प्रोजैक्ट को रद्द करने का ऐलान किया और साथ ही मत्तेवाड़ा में ईको टूरिज्म हब बनाने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री ने प्रोजैक्ट रद्द करवा दिया लेकिन मत्तेवाड़ा को ईको टूरिज्म हब बनाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ। कर्नल लखनपाल ने कहा कि सतलुज दरिया व मत्तेवाड़ा जंगल को बचाने के लिए अलग-अलग स्वयं सेवी संस्थाओं से जुड़े पर्यावरण प्रेमियों ने बड़े स्तर पर पौधारोपण किया। इस पौधारोपण कार्यक्रम में गुरु द्वारा करमसर राड़ा साहिब ट्रस्ट, वन विभाग मत्तेवाड़ा, ग्रीन थंब, लोधी फाउंडेशन, यूनाइटेड सिख, कुदरत मानव केंद्र लोक लहर, एक्शन अगेंस्ट प्लास्टिक (एजीएपीपी), पंजाबी भाषा परिसर भाईचारा, हरियावल पंजाब, संघर्ष, जमीन संघर्ष समिति, गुरु द्वारा श्री गुरु सिंह सभा, सराभा नगर और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

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