
समाचारवाला/लुधियाना
स्कूल संघ पंजाब का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधान जनार्दन भट्ट की अध्यक्षता में एसोसिएट स्कूलों के साल 2024-25 के ऑनलाइन फार्म में तकनीक समस्याओं के मध्यजर फार्म में बदलाव और नया शेडयूल जारी करने की मांग को लेकर बोर्ड सचिव संजीव शर्मा, सहायक सचिव (एफिलिएशन ) और एसोसिएशन ब्रांच के अधिकारियो से मिला। प्रतिनिधि मंडल में संघ के महासचिव भुवनेश भट्ट, वरिष्ठ उप प्रधान कमलनयन शर्मा, पवन शर्मा, पवन भल्ला, रविंदर मान, भोजराज, संदीप सिंह, हाकम सिंह, जगतार सिंह, प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे।संजीव शर्मा मोहाली ने बोर्ड सचिव को बताया कि पहली बार एसोसिएट स्कूलों के लिए ऑनलाइन कंटिन्यूशन फार्म जारी किया गया है। परन्तु फार्म ड्राफ्ट करने वाले कर्मचारी ने इस जमीनी हकीकत को अनदेखा कर दिया कि एसोसिएट स्कूलों का मामला एफिलिएट और 8वीं एफिलिएट स्कूलों से पूरी तरह अलग है। एक और एक ही एसोसिएट स्कूल को दसवीं और बारहवीं के अलग -अलग कंटिन्यूशन फार्म भरने है जबकि अन्य एफिलिएट स्कूलों को एक ही फार्म भरना है। इसके आलावा कमरों के आकार में भी लम्बाई x चौड़ाई न पूछा कर चौड़ाई x ऊंचाई वो भी दोनों वर्ग फुटो में भरना है। इसके आलावा एसोसिएशन परफॉर्में माननीय हाई कोर्ट में 2020 से ही विचाराधीन है। अतः सब ज्यूडिशियश मामले में बदलाव भी संभव नहीं है। अतः पिछले सालों की भांति इस साल भी ऑफलाइन फार्म लिया जाए।जिस पर प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के बाद ब्रांच अधिकारी को लंच के तुरंत बाद मांगपत्रों में दर्ज आपत्तियो पर रिपोर्ट पेश करने को कहा और प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि मामले कि गंभीरता को देखते हुए जल्दी से जल्दी इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा।सचिव से मीटिंग के बाद एसोसिएशन/एफिलिएशन ब्रांच के अधिकारीयों ने स्कूल संघ पंजाब के प्रतिनिधि मंडल से अलग से मुलाक़ात करके कंटिन्यूशन फार्म को लेकर एसोसिएट स्कूलों की आपत्तियों और संभावित हल पर चर्चा की। चर्चा के दौरान प्रतिनिधि मंडल द्वारा इस समस्या का एक सूत्रीय हल इस साल कंटिन्यूशन फार्म ऑफलाइन किया जाने की बात कहने पर, एसोसिएशन ब्रांच के अधिकारीयों ने अपनी परेशनी बताते हुए कहा कि यदि बोर्ड ऑफलाइन के सुझाव को मानलेता है तो जिन स्कूलों ने किसी भी तरह ऑनलाइन फार्म भर दिया है उनका क्या हल होगा, यह सबसे महत्वपूर्ण पेच है। जिस पर प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारीयों से कहा कि बिना गलत जानकारी भरे, किसी भी स्कूल के लिए ऑनलाइन फार्म भरना संभव ही नहीं है, क्योंकि दुनिया के किसी कोने में चौड़ाई और ऊंचाई वर्ग फुट में मापने वाला फीता नहीं बना है। बिना टीचर /प्रिन्सीपल का आधार नंबर भरे डाटा सेव नहीं होगा और एक लॉग इन में आधार भरने के बाद दूसरे में सही डाटा भरना संभव ही नहीं है। यह केवल तभी संभव है जब डाटा से किसी न किसी लॉग इन में छेड़ छाड़ की जाए।अतः गलत डाटा भरने वालों की क़ीमत परबाकी एसोसिएट स्कूलों का उत्पीड़न किसी भी क़ीमत पर सही नहीं है। उनके विरुद्ध क्या करना है, इसके लिए बोर्ड सोचे।चर्चा के बाद ब्रांच अधिकारियो माना कि फार्म में गंभीर तकनीकी सुधार की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधि मंडल के सुझावों को रिपोर्ट का हिस्सा बनाकर तुरंत बोर्ड सचिव के पास पेश किया जाएगा।