-महिलाओं का आरोप, फरवरी माह में दिए थे लाइसैंस बनवाने के लिए पैसे, न लाइसैंस बनवाया न पैसे वापस दिए-पुलिस कमिश्नर को भी दे चुके हैं शिकायत
समाचारवाला/लुधियाना


: रिजनल ट्रांसपोर्ट अफसर के दफ्तर में काम करवाना है तो लोगों को एजैंटों की शरण में जाना पड़ता है। एजैंट लोगों से मनमाने पैसे वसूलते हैं और उसके बाद भी कई बार काम नहीं करते हैं। एक एजैंट ने हैदर इंक्लवे में रहने वाले अभिषेक से लाइसैंस बनवाने के लिए 7500 रुपये लिए और तब से उसे न लाइसैंस बनवाकर दिया और न उसके पैसे वापस दिए। अभिषेक व उसके परिजन एजैंट को फोन करते हैं तो वो फोन नहीं उठाता। उन्होंने एजैंट की शिकायत पुलिस कमिश्नर को दी। इसके बावजूद एजैंट रोजाना आरटीओ दफ्तर में घूमता रहता है। वीरवार को हैदर इंक्लेव के लोग डीसी दफ्तर अपनी शिकायत देने पहुंचे थे कि एजैंट उनके हत्थे चढ़ गया। अभिषेक के घर की महिलाओं ने एजैंट को पकड़ा और उसका जमकर झूलूस निकाला। महिलाओं ने एजैंट से पैसे मांगे तो उनसे कह दिया कि अभी उसके पास पैसे नहीं हैं। पहले वो पुलिस में दी गई शिकायत वापस लें तब पैसे मिलेंगे। इसी बीच दोनों महिलाओं ने एजैंट को दबोच लिया और उससे पैसे मांगने लगी। जब एजैंट ने पैसे नहीं दिए तो उन्होंने कहा कि वो अपना मोबाइल दे दे। जब पैसे देगा तो अपना मोबाइल वापस ले जाना। उसके बाद वहां और लोग भी आ गए और उन्होंने एजैंट को घेर लिया। एजैंट ने महिलाओं को मोबाइल दिया। एजैंट ने माना कि उसने पैसे देने हैं और वो शाम तक पैसे दे देगा। इसी बीच वहां पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने एजैंट को पकड़ा और ले जाने लगी। इसीबीच मीडिया ने पुलिस से बातचीत करनी शुरू की तो एजैंट सब इंस्पैक्टर से हाथ छुड़वाकर वहां से खिसक गया।