Wed. Jul 29th, 2026




फर्स्ट समाचार/लुधियाना

देश-विदेश् में प्रसिद्धि हासिल कर चुके क्षेत्रीय सरस मेले की मेजबानी लुधियाना जिले को तीसरी बार मिली है। सरस मेला पंजाब कृषि विश्व विद्यालय(पीएयू) के मेला ग्राउंड में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक अलग-अलग राज्यों की संस्कृतियों का महाकुंभ लगेगा। इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकार व हस्त शिल्पी लुधियाना पहुंचेंगे। मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी। सोमवार को डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक ने बचत भवन में अलग-अलग विभागों के अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में डीसी ने मेला संचालन के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया। इससे पहले लुधियाना में 2012 व 2017 में सरस मेला लग चुका है।
डीसी सुरभि मलिक ने बताया कि मेले में देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृतियों, पहनावों, खानपान , कास्तकारी देखने को मिलेगी। मेले में हस्तशिल्पी अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों के स्टॉल लगाएंगे। जिसमें शहरवासी खरीददारी भी कर सकेंगे। डीसी ने अफसरों को कहा कि वो अभी से सरस मेले के आयोजन की तैयारियों में जुट जाएं। डीसी ने बताया कि कमेटियों को उनकी जिम्मेदारी बता दी गई है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ग्रामीण विकास को मेला अफसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीसी रूपिंदर पाल सिंह ने बताया कि इस मेले में 20 से ज्यादा राज्यों के कलाकार व दस्तकार आएंगे। मेले में 220 स्टॉल लगाए जाएंगे। जिसमें 35 से 40 फूड स्टॉल होंगे। ये सभी स्टॉल अलग-अलग राज्यों के खानपान से संबंधित होंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों का प्रबंध भी किया जाएगा। बैठक में ग्लाडा के एसीए अमरजीत सिंह बैंस, एसडीएम हरजिंदर सिंह, गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, असिस्टेंट कमिश्नर उपिंदरजीत कौर व अन्य शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *