बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट रिंन्यू करवाते समय प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट का जारी सेफ्टी सर्टिफिकेट मांगे जाने को लेकर स्कूल संघ पंजाब ने उप खंड इंजिनियर -3 और कार्यकारी इंजिनियर बी एंड एम शाखा लुधियाना से जताया विरोध।
संघ द्वारा पिछले सालों की तरह ही लोक निर्माण विभाग के जे. ई /अधिकारीयों की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सेफ्टी सर्टिफिकेट नवीनीकरण जारी रखने की मांग की गईं।
03 जुलाई, 2024,
लोक निर्माण विभाग बी एंड एम शाखा अधिकारीयों ने बिना प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट का जारी सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा करवाए, प्राइवेट स्कूलों को साल 2024 – 25 के लिए बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट रिंन्यु करने से मना कर दिया। जिस कारण कई स्कूल जिन्होंने 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट को रिंन्यू करवाने के लिए अप्रैल शुरुआत में ही फ़ाइल और ऑनलाइन फीस की रसीद समेत संबंधित सब डिवीजनों में जमा करवा दी।परन्तु अब विभाग के जाँच अधिकारी उच्च अधिकारीयों के निर्देशों का हवाला देते हुए,प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट का जारी सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा करवाए बिना फ़ाइल क्लियर करने में अपनी असमर्थता जता रहें हैं।जिससे प्राइवेट स्कूलों को प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट से सेफ्टी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए विभाग की फीस से भी अधिक रकम चुकानी होंगी।इस मुद्दे पर प्राइवेट स्कूलों का पक्ष संबंधित अधिकारियो तक पहुंचाने और एक ही सर्टिफिकेट के लिए सरकारी विभाग और निजी संस्था दोनों से हासिल करने की नई प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की मांग को लेकर स्कूल संघ पंजाब का प्रतिनिधि मंडल ने उप खंड -3 अधिकारियो बी एंड एम शाखा लुधियाना से कचहरी परिसर में स्थित कार्यालय में मुलाक़ात की।उप खंड -3 अधिकारियो ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि सेफ्टी सर्टिफिकेट रिन्यूअल फ़ाइल के साथ प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट से सेफ्टी सर्टिफिकेट लेकर लगाने संबंधित निर्देश उच्च अधिकारियो द्वारा जारी किए गए है अतः हम इन्हे लागू करने के लिए विवश है। स्कूलों का पक्ष और तर्क सुनने के बाद उन्होंने स्कूल संघ पंजाब के मांगपत्र को उच्च अधिकारियो को दिशा निर्देश हासिल करने के लिए जल्दी ही भेजनें का आश्वासन दिया।इसके बाद स्कूल संघ पंजाब के प्रतिनिधि मंडल ने कार्यकारी इंजिनियर, प्रांतक मंडल, लोक निर्माण विभाग, बी एंड एम शाखा, लुधियाना इंजीनियर स रणजीत सिंह संधू (पी ई एस ) से उनके रानी झाँसी रोड़ स्थित कार्यालय में भेंट कर उन्हें मांग पत्र सौंपा।इस अवसर पर स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने कार्यकारी इंजीनियर को बताया कि विभागीय अधिकारीयों के इस नए फरमान के अनुसार प्राइवेट स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट से सेफ्टी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए स्कूलों को उस स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट को भी भारी फीस चुकानी पड़ेगी। जबकि निजी स्कूल पहले ही बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट फीस के रूप में प्रतिवर्ष कवर्ड एरिया के अनुसार 5000 रूपये से लेकर 20000 रूपये तक फीस जमा करवाते है।जब सेफ्टी सर्टिफिकेट की फीस लोक निर्माण विभाग लें रहा हैं तो सर्टिफिकेट जारी करने की जवाबदेही भी विभाग की ही है।यदि निजी स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट के सर्टिफिकेट के आधार ही, विभाग सर्टिफिकेट जारी करना है तो फिर सरकार हर दफ्तर में निजी स्ट्रक्चर एक्सपर्ट/ आर्कीटेक्ट के सर्टिफिकेट को ही मान्यता दें दें।संघ के प्रधान जनार्दन भट्ट ने अधिकारीयों को बताया कि अधिकतर निजी स्कूल 2011 से लगातार हर वर्ष लोक निर्माण विभाग से बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं जो कि विभाग के जे ई कि रिपोर्ट पर एस डी ओ जारी करते है और हर साल रिंन्युवल की फ़ाइल के साथ पिछले साल का एस डी ओ द्वारा जारी सर्टिफिकेट लगा होता है। तो विभाग अपने सालों से जारी हो रहे सर्टिफिकेटों पर भरोसा क्यों नहीं कर पर रहा है!जबकि सरकारी स्कूलों को तो सेफ्टी सर्टिफिकेट शिक्षा विभाग का अपना ही जे ई रेंक का अधिकारी खुद ही जारी कर देता है। सरकारी स्कूल तो पी डब्लूयु डी कार्यालय में अप्लाई तक नहीं करते।इस अवसर पर अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि विभाग का मकसद स्कूल संचालकों को तंग करना नहीं है, केवल बच्चोँ कि सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन यदि इससे किसी को भी कोई परेशानी हो रही है तो उनका कार्यालय द्वारा संघ के मांगपत्र पर विचार करके जल्दी ही इस मसले का हल निकाल दिया जाएगा। उप प्रधान कमल नयन शर्मा ने उच्च अधिकारीयों को बताया कि विभाग निजी स्कूलों से बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट कि फीस मशीनरी एंड टूल्स सब हेड में जमा करवाता है, जबकि ऑनलइन पोर्टल पर फीस और मिसलेनेस दो विकल्प मौजूद है।जिस पर अधिकारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को जल्दी से जल्दी इस विषय पर उन्हें डिटेल जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा।इस अवसर पर स्कूल संघ पंजाब के कोर्डिनेटर राजेश नागर और संगठन सह सचिव जसप्रीत छाबड़ा ने कहा कि मात्र निजी स्कूलों को उत्पीड़न करने के उद्देश्य से जारी किये जाने वाले किसी भी आदेश को स्कूल संगठन चुपचाप सहन नहीं करेंगे। अपने सदस्यों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघ हर सम्भव प्रयास करेगा।