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स्कूल संघ पंजाब, ई सी एस, रासा यू के ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर की मांग।

समाचारवाला/लुधियाना

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की निवर्तमान चेयरपर्सन के कार्यकाल के कटु अनुभवों से आहत पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एसोसिएटेड और एफिलिएटड स्कूलों के प्रमुख संगठनों स्कूल संघ पंजाब, ई सी एस, रासा यू के ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर की मांग की कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का नया चेयरमैन /चेयरपर्सन पंजाब के शिक्षा जगत से जुड़े किसी शख्शियत को ही नियुक्त किया जाए।
रासा यूके के चेयरमैन हरपाल सिंह यू के ने कहा कि पिछली चेयरपर्सन का अपने पूरे करियर के दौरान पंजाब से कोई नाता नहीं रहा। सीधे बोर्ड की चेयरपर्सन के रूप में पंजाब में एंट्री हुई. जिसके चलते अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने न सिर्फ स्कूल सांगठनों से दूरी बनाए रखी बल्कि वे पंजाब की जमीनी हकीकत से भी नहीं जुड़ पाई, जिससे उनके शिक्षा जगत से जुड़े अधिकतर निर्णय स्कूलों में असंतोष का कारण बनते रहे।

ई सी एस के सीनियर उप प्रधान मदन लाल सेठी ने कहा कि पिछली चेयरपर्सन के संक्षिप्त से कार्यकाल में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कई ऐसे अव्यवहारिक निर्णय लिए, जिनके चलते भविष्य में शायद ही कोई नया स्कूल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एफिलिएशन ले। वहीं बोर्ड अधिकारी वर्तमान में बोर्ड से जुड़े स्कूलों को अपना और सरकार का सहयोगी न मानकर अपराधी मानकर उत्पीड़नकारी फैसले लेते रहे और स्कूल सांगठनों को एतराज जताने के लिए अवसर तक नहीं दिया।
स्कूलों के कंटिंन्यूशन पर 18% जी एस टी, एफिलिएटड स्कूलों की कंटिंन्यूशन फीस 10000 रूपये सालाना से सीधे 50000 रूपये तीन साल के, वो भी एकमुस्त भुगतान लाजमी करना जैसे कई अव्यवहारिक फैसले लिए गए। ई सी एस के खजाँची अमरजीत देवगुन ने बोर्ड द्वारा 1987 से लेकर आज 2024 तक सभी एफिलिएटड स्कूलों की दोबारा जाँच के फैसले को स्कूल संचलकों के प्रति बोर्ड के अविश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि एफिलिएशन देते समय हर स्कूल की टीम द्वारा जाँच की जाती है। यदि बोर्ड को किसी स्कूल की शिकायत मिलती हैं या बोर्ड को किसी स्कूल के रिकार्ड में गड़बड़ी मिलती है तो बोर्ड उस स्कूल की जाँच करे और स्कूल को स्पष्टिकरण का मौका देते हुए बोर्ड अधिनियम के तहत कार्यवाही करे। परन्तु 1987 से आज तक हर स्कूल की जाँच का सामूहिक निर्णय नियमों के विरुद्ध है। बोर्ड को इस पर फिर से विचार करना चाहिए.

स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने मुख्यमंत्री और स्कूली शिक्षा मंत्री से मांग की कि लगातार आर्थिक घाटे और अन एडिड स्कूलों में बोर्ड के प्रति बढ़ते रोष और पंजाबीयों में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के प्रति बढ़ती अविश्वशनीयता को देखते हुए पींजाब और पंजाबीयत से गहरा जुड़ाव रखने वाले किसी तजुर्बाकर व्यक्ति, जो न सिर्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली से वाकिफ हो बल्कि बोर्ड से जुड़े स्कूलों को साथ लेकर समाज में बोर्ड की प्रतिष्ठा फिर से स्थापित करने में सक्षम हो, को बोर्ड का चेयरमैन लगाया जाए। चेयरमैन पद पर एक सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति इस लिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि अगले कुछ दिनों में वाइस चेयरमैन पद भी अधिकतम उम्र सीमा पूरी होने के चलते खाली हो जाएगा।
स्कूल संघ पंजाब के संयुक्त सचिव जसप्रीत छाबड़ा ने कहा कि बोर्ड को ही नहीं पता कि वो 2020 _ 21 से पंजाब में हजारों स्कूलों को 5वीं 8वीं की अस्थाई एफिलिएशन दे रहे है और प्रतिवर्ष इनसे 5000 से 8000 रूपये तक कंटिंन्युशन फीस ले रहे हैँ। अतः बोर्ड में शीर्ष पदों पर जमीन से जुड़े लोग ही नियुक्त किए जाने चाहिए वरना वह दिन दूर नहीं जब पंजाब बोर्ड में केवल सरकारी स्कूलों के परीक्षार्थी ही रह जाएंगे.
🙏 भुवनेश भट्ट
महासचिव
स्कूल संघ पंजाब
9417496196

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