


-बोर्ड ने स्कूलों से कंटीन्युशन फीस के साथ मांगा 18 फीसदी जीएसटी-ऑनलाइन फीस जमा करवाने पर स्कूलों की रसीद पर जीएसटी की रकम जीरो शो कर रही है
समाचारवाला/लुधियाना
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूलों से कंटीन्युशन फीस के साथ जीएसटी जमा करवाने के आदेश जारी किए। बोर्ड के इन आदेशों का स्कूल संचालकों ने कड़ा विरोध भी किया उसके बावजूद बोर्ड ने साफ कर दिया कि बिना जीएसटी के वो फीस जमा नहीं करवाएंगे। बोर्ड के फरमान के बाद स्कूल संचालकों ने फीस के साथ जीएसटी जमा करवा दिया। लेकिन बोर्ड ने स्कूलों से जो जीएसटी वसूला है उसमें कुछ ‘घालमेल’ जरूर है। बोर्ड ने स्कूलों से जीएसटी तो वसूल दिया पर स्कूल संचालकों को जो ऑनलाइन रसीद जारी की गई है उसमें जीएसटी की राशि शून्य आ रही है। स्कूल संचालक सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब रसीद में जीएसटी शून्य है तो बोर्ड स्कूल संचालकों से यह राशि किस मद में वसूल रहा है? पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इसी साल से स्कूल संचालकों से जीएसटी वसूलना शुरू किया। बोर्ड ने अगस्त माह में एसोसिएट स्कूलों को कंटीन्युशन फीस के साथ 18 फीसदी जीएसटी जमा करवाने को कहा। स्कूल संचालक पहले तो इसका विरोध करते रहे। यहां तक कि इस मामले में स्कूल संचालकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिकाएं दायर की। यही नहीं स्कूल संचालकों ने जीएसटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं का हवाला दिया और बोर्ड से जीएसटी न वसूलने की मांग की। लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया कि उन्हें जीएसटी विभाग से आदेश आएं हैं तो स्कूल संचालकों को फीस पर 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। बोर्ड अब स्कूल संचालकों से नकद फीस नहीं वसूलता बल्कि ऑनलाइन ही फीस भरवाता है। एसोसिएट स्कूलों ने जब ऑनलाइन कंटीन्युशन परफार्मा भरा तो आखिर में ऑनलाइन फीस जमा करवाने का ऑप्शन आया। स्कूल संचालकों ने जब फीस भरी तो कंप्यूटर स्क्रीन पर जो रसीद डिस्प्ले हुई उसमें जीएसटी की राशि शून्य आई और कुल राशि फीस से 18 फीसदी ज्यादा दिखी। स्कूल संचालकों ने जब रसीद का फाइनल प्रिंट निकाला तो उसमें भी एसजीएसटी और सीजीएसटी भी शून्य दिखा रहा है और कुल राशि यहां भी फीस से 18 फीसदी ज्यादा है। स्कूल संघ पंजाब के उपाध्यक्ष कमल नयन शर्मा ने बताया कि बोर्ड ने जब स्कूल संचालकों से ऑनलाइन फीस में जीएसटी वसूला है तो रसीद पर भी इसे दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रसीद में जीएसटी सीधे तौर पर जीरो आ रहा है। जिससे साफ है कि बोर्ड जीएसटी के नाम पर खुद के लिए किसी और मद में स्कूल संचालकों से 18 फीसदी राशि वसूल रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर यह अतिरिक्त राशि स्कूल संचालकों से क्यों वसूली जा रही है जबकि रसीद पर जीएसटी शून्य दिखाया जा रहा है। फोटो 42 व 43. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा स्कूल संचालकों को जारी की गई ऑनलाइन रसीद जिसमें जीएसटी की राशि स्पष्ट तौर पर जीरो लिखी गई है।