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-चार जुलाई को आर्बिटेटर के पास होगी लुधियाना जिले में अधिग्रहित होने वाली जमीनों के रेट के संबंध में सुनवाई

प्रियंका/समाचारवाला: दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रैस वे के लिए लुधियाना में जमीन अधिग्रहण न होने से काम में देरी हो रही है। जिला प्रशासन पर जल्दी से जल्दी जमीन अधिग्रहण करवाने का दबाव है। वहीं किसान भी अब अपनी जमीनें देने को तैयार हैं लेकिन वो जमीन के बदले उचित कीमत चाहते हैं। किसान कई दिनों से अब डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं और अफसरों के साथ जमीन की कीमतें बढ़वाने के लिए बात चीत कर रहे हैं। लेकिन रेट फाइनल करने का अधिकार अब सीधे तौर पर आर्बिटेटर के हाथ में है। चार जुलाई को पटियाला में डिवीजनल कमिश्नर कम आर्बिटेटर लुधियाना जिले में अधिग्रहित होने वाली जमीनों के रेट तय करने के लिए सुनवाई करेगा। मंगलवार को अलग-अलग पंचायतों के सदस्यों ने एडीशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) मेजर अमित सरीन के साथ बैठक की। किसानों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि आर्बिटेटर के सामने वर्तमान मार्किट रेट रखा जाए ताकि उसके हिसाब से जमीन की कीमतें तय हों। किसानों ने कहा कि वो अलग-अलग प्रोजैक्टों के लिए जमीन देने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन ने उन्हें उचित कीमत नहीं दी गई तो वो जमीन नहीं देंगे। बिकरजीत सिंह ने बताया कि चार जुलाई से आर्बिटेटर के पास सुनवाई शुरू हो रही है। इसलिए सुनवाई से पहले वो प्रशासन के पास आए हैं। उन्होंने बताया कि आर्बिटेटर को भी कीमतों रिपोर्ट जिला प्रशासन को ही देनी है। उन्होंने बताया कि एडीसी मेजर अमित सरीन ने उन्हें बताया कि चार जुलाई को पहली सुनवाई होगी और उसके बाद सुनवाई क लिए अगली तारीख मिलेगी। उन्होंने कहा कि उससे पहले किसानों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी ताकि किसानों को तर्कसंगत कीमतें मिल सके।

अन्य प्रोजैक्टों पर भी फंसा है मुआवजे का पेंच

लुधियाना-रूपनगर एक्सप्रैस वे, दक्षिणी बाइपास, लुधियाना बठिंडा एक्सप्रैस वे की जमीनों को लेकर भी लुधियाना जिले में पेंच फंसा है। जमीन अधिग्रहण न होने के कारण लुधियाना एक्सप्रैस वे का कांट्रैक्टर बीच में काम छोड़कर चले गया। इस प्रोजैक्ट के लिए अब एनएचएआई को फिर से टैंडर लगाने होंगे। उसी तरह दक्षिणी बाइपास का कांट्रैक्टर भी काम छोड़कर चले गया और एनएचएआई को यहां भी नए सिरे से टैंडर लगाने होंगे।

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