डीसी के निर्देश, दिव्यांगों की सुविधा के लिए तैयार करें ‘हेल्पलाइन’
-डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने दिव्यांगों को दी जाने वाली सेवाओं के संबंध में अफसरों के साथ की बैठक

लुधियाना, 20 जून: दिव्यांगजनों को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन जल्दी ही एक ‘हेल्पलाइन’ तैयार करेगा। जिला अधिकारी डिप्टी कमिश्नर साक्षी ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगों के लिए जल्दी ही एक ऐसी हेल्पलाइन तैयार करें जो 24 घंटे काम करे। दरअसल डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी वीरवार को अपने दफ्तर में दिव्यांगों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं की समीक्षा बैठक कर रही थी। बैठक में डीसी ने अफसरों से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड के लंबित मामलों की समीक्षा भी की। डीसी ने अफसरों को निर्देश दिए कि दफ्तरों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए ताकि दिव्यांगजन आसानी से आवेदन कर सकें। इस बैठक में एडीसी अनमोल सिंह धालीवाल और रूपिंदर पाल सिंह, नगर निगम के एडीशनल कमिश्नर परमदीप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. जसवीर सिंह औलख, एनजीओ की संचालिका डॉ. नीलम सोढ़ी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों ने मुद्दा उठाया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्न बनवाने के लिए दिव्यांगजनों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। इसके अलावा कुछ टेस्ट केवल निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर कराए जाते हैं या फिर उन्हें सरकारी रजिंदरा अस्पातल पटियाला जाना पड़ता है। डीसी ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर निजी अस्पतालों के साथ चर्चा करेंगे। इसके अलावा उन्होंने एनजीओ के सदस्यों को कहा कि इसके लिए वो दिव्यांग जनों को वित्तीय सहयोग करें ताकि उनकी नि:शुल्क जांच की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति विकलांगता प्रमाण पत्न के संबंध में कोई जानकारी चाहता है तो उसके लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर आवश्यक रूप से स्थापित किया जाए।
———————–
अंदर डीसी दिव्यांगों के हक दिलाने के लिए कर रही थी बैठक, दिव्यांग बाहर धरने पर बैठे
– दिव्यांगता प्रमाण पत्न में पर्सेंटेज कम लिखे जाने नाराज हैं दिव्यांग


लुधियाना, 20 जून: डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी अपने दफ्तर के अंदर अफसरों के साथ दिव्यांगों को उनके हक दिलाने के लिए बैठक कर रही थी। ठीक उसी समय उनके दफ्तर के बाहर दिव्यांग धरने पर बैठ गए। दिव्यांग सर्टिफिकेट में दिव्यांगता का पर्सेटेज कम लिखे जाने पर नाराज थे। धरने की सूचना मिलने पर डीसी साक्षी साहनी बाहर आई और उन्होंने धरने पर बैठे दिव्यांगों को अंदर बुलाया और उनके साथ बात की। दिव्यांगों ने डीसी को बताया कि कई दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड पर दिव्यांगता की पर्सेटेज कम लिखी गई है, जिसके कारण उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही। उन्होंने मांग की कि शिविर में दोबारा सत्यापन कराकर यूडीआइडी कार्ड नये सिरे से बनाये जाएं। उन्होंने आगे कहा कि यूडीआईडी कार्ड बनाने में काफी समय लगता है, इसलिए यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रि या को आसान बनाया जाना चाहिए। दिव्यांगों ने यह भी मांग थी कि सिविल अस्पताल लुधियाना में दिव्यांगों द्वारा बनाए जाने वाले पहचान पत्न का काम दो इमारतों में होता है, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है, इसलिए उनका काम एक ही इमारत में किया जाए। इसके अलावा सिविल अस्पताल में दवा लेने आने वाले दिव्यांगों को डॉक्टर से चेकअप कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, जो उनके लिए बड़ी समस्या है। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और अगर किसी के सर्टिफिकेट में पर्सेटेज कम लिखी गई है तो उसे दोबारा जांचा जाएगा।