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शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने को लेकर पंजाब में नहीं है एकरूपता

पंजाब आर टी ई नियमावली 2010 प्रकाशित होते ही पंजाब में आर टी ई एक्ट 2009 लागू हो गया और 2011 में पहली बार आर टी ई एक्ट की धारा के अंतर्गत पंजाब के हर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री शिक्षा) ने गैर वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों को मान्यता (एन ओ सी) जारी करनी शुरू कर दी।
आर टी ई एक्ट के प्रावधानों के अनुसार एक्ट लागू होने के बाद कोई भी स्कूल बिना पूर्व मान्यता लिए शुरू नहीं किया जा सकता है, परन्तु एक्ट लागू होने से पहले से चल रहे स्कूलों को नियम/शर्त पूरे करने के लिए एक्ट में 3 साल का समय दिया गया था, इस दौरान इन स्कूलों को अस्थायी मान्यता दी जानी थी और एक्ट के प्रावधानों के अनुसार तीन साल बाद अर्थात 2016 के बाद सभी स्कूलों को स्थायी मान्यता दी जानी थी।

पहले तीन साल गुजरने के बाद 2016 में अमृतसर, बठिंडा, तरनतारन, मोहाली, शहीद भगत सिंह नगर आदि कई जिलों में स्कूलों को स्थायी मान्यता पत्र जारी कर दिए गए, जबकि लुधियाना, पटियाला, जालन्धर आदि जिलों में हर बार स्कूलों को 2- 3 साल के लिए अस्थायी मान्यता का प्रावधान जारी रहा। नियमों की जानकारी के अभाव/ अस्पष्टता में स्कूल संचालक भी हर बार मान्यता के लिए नया फार्म 1 भरकर अप्लाई करते थे।
परन्तु 2021में लुधियाना के एक नव स्थापित स्कूल, जो कि 28-03-2019 को स्थापित हुआ था और उसने आर टी ई की मान्यता के लिए अप्लाई किया था को जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) ने 11-02-2021 को अस्थायी मान्यता जारी की थी, ने माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका CWP 12389 / 2021 लगाई, जिसमे निर्णय सुनते हुए, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने साफ साफ लिखा कि अस्थायी मान्यता/एन ओ सी का प्रावधान केवल एक्ट लागू होने के बाद पहले तीन सालों के लिए था। उसके बाद स्थाई मान्यता ही जारी की जानी चाहिए। अपने इसी आदेश में माननीय हाई कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) को याचिका कर्ता स्कूल को , अस्थायी मान्यता जारी करने की तिथि से ही पक्की/स्थाई मान्यता पत्र जारी करने को कहा ।
CWP 12389 / 2021 का निर्णय सामने आते ही विभिन्न अनएडिड स्कूल संगठन भी सक्रिय हो गए।
इसी कड़ी में स्कूल संघ (रजि) पंजाब द्वारा 14 फरवरी 2023 को
डी पी आई (एलिमेंट्री) / डी एस ई (एलिमेंट्री) और डी जी एस ई – पंजाब को मोहाली स्थित आफिस में मांगपत्र सौंपकर 2011 – 12 से लेकर अब तक बार बार मान्यता ले रहे स्कूलों को भी CWP12389/2021 के फैसले के अनुसार पिछली तिथि (अस्थायी मान्यता जारी करने की तिथि 2017 ) से स्थाई मान्यता जारी करने का अनुरोध किया गया।
इसी कड़ी में मार्च 2023 को स्कूल संघ पंजाब के प्रतिनिधि मंडलों ने डी ई ओ (एलिमेंट्री) लुधियाना, पटियाला, जालन्धर, शहीद भगत सिंह नगर को भी मांगपत्र सौंपकर 2011 – 12 से लेकर अबतक बार बार मान्यता ले रहे स्कूलों को भी CWP 12389 / 2021 में माननीय हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार पिछली तिथि से स्थाई मान्यता जारी करने का अनुरोध किया गया।

जिसपर जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) लुधियाना द्वारा संघ के मांगपत्र पर कार्यवाही करते हुए डी ई एस (एलिमेंट्री) पंजाब को पत्र क्रमांक —समगरा/2023/73134 तिथि 14- 03- 2023 और पुनः पत्र क्रमांक — समगरा/2023/74132 तिथि 11- 04- 2023 लिखकर दिशा निर्देश मांगे गए। हैरानीजनक तथ्य यह है कि स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय उच्च अधिकारी स्कूल संगठनों की मांगपत्र पर कार्यवाही करना तो दूर 4 महीने से अधिक समय (25 जुलाई 2023 तक) बीत जाने पर भी अपने ही विभाग के अधिकारी- डी ई ओ (एलिमेंट्री) लुधियाना के पत्रों का जवाब तक नहीं दे सके हैं।
इसी दौरान एक अन्य स्कूल संगठन फेडरेशन आफ प्राइवेट स्कूल एंड एसोसिएशनस ऑफ पंजाब ने स्थाई मान्यता सम्बन्धी मांगपत्र की शिक्षा विभाग द्वारा लगातार अनदेखी के चलते पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में CWP 7238/ 2023 दायर कर स्कूलों को पक्की मान्यता जारी करने की मांग की गई। जिसकी सुनवाई के दौरान सरकार को ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि स्कूली शिक्षा सचिव, पंजाब इस मुद्दे पर फेडरेशन के तिथि 12 – 01 -2023 के मांगपत्र पर जल्दी ही फैसला लेंगें। जिस पर 12 अप्रैल 2023 को अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 6 हफ्तों में शिक्षा सचिव को कानून वे अनुसार फैसला लेने के आदेश जारी किए और निर्देश दिया कि सचिव फैसला लेते समय हाई कोर्ट द्वारा CWP 12389 / 2021 में सुनाए फैसले को भी ध्यान में रखें।
परन्तु 12 – 04 – 2023 को हाई कोर्ट के फैसला प्राप्त होने के 6 हफ्ते की समय सीमा तय करने के बावजूद 15 हफ्तों (आज 25 जुलाई 2023) तक भी शिक्षा सचिव का फैसला नहीं आया है।
इसके उल्ट शहीद भगतसिंह नगर , लुधियाना आदि जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) ने प्राइवेट स्कूलों को फिर से मान्यता के लिए अप्लाई करने के आदेश जारी कर दिए गए।
शिक्षा सचिव द्वारा समन्धित फैसले में विलंब को लेकर भुवनेश भट्ट, महासचिव, स्कूल संघ, पंजाब द्वारा 28 जून 2023 को शिक्षा सचिव पंजाब और मुख्यमंत्री आफिस को ई मेल लिख कर कोर्ट के फैसले के अनुसार शीघ्र निर्णय करके उसे सार्वजनिक करने का अनुरोध किया गया, जिस मेल को मुख्यमंत्री आफिस ने भी 28 जून 2023 को ही आवश्यक कार्यवाही हेतु शिक्षा सचिव को अग्रसित कर दिया। परन्तु आज लगभग 1 महीना बीत जाने के बावजूद शिक्षा सचिव ने कोई निर्णय जारी नहीं किया है।
गैर वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल संगठन इस अनदेखी को लेकर उद्वेलित हैं और विभागीय अधिकारियों द्वारा इस मुद्दे पर अपनाए जा रहे गैर कानूनी और मनमाने रवैए को पुनः लेकर पुनः जल्दी ही पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की शरण मे जाने का मन बना रहे हैं।

प्रस्तुति: भुवनेश भट्ट, महासचिव स्कूल संघ पंजाब

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