10 महिला कीर्तन मंडलियों ने गढ़वाल के लोक नृत्य, लोक पर्व व संस्कृति से संबंधित अन्य प्रस्तुतियां दी
समाचारवाला/लुधियाना:
गढ़वाल भ्रातृ मंडल लुधियाना ने गढ़वाली की संस्कृति से नई पीढ़ि को रूबरू करवाने के लिए होली मिलन समारोह में लोक परंपराओं, गीतों व संस्कृति से जुड़ी प्रतियोगिताएं करवाई। समारोह में 10 महिला कीर्तन मंडलियों ने हिस्सा लिया और पांच कीर्तन मंडलियों ने अलग-अलग कार्यक्रम पेश किए। वीर माधो सिंह भंडारी, जीतू बग्डवाल, तीलू रौंतली, गौरा देवी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली समेत अनेक वीरों के जीवन पर आधारित लोक गीत और लोक नृत्य पेश किए। इसके अलावा महिला कीर्तन मंडलियों ने पहाड़ की नारियों के संघर्ष को दर्शाते हुए काव्य नाटिकाएं पेश की। कार्यक्र म के अंत में पुष्प होली खेली और सभी के मंगलमय जीवन की कामना की। कार्यक्र म गढ़वाल भ्रातृ मंडल के प्रधान हरि सिंह नेगी की अध्यक्षता में करवाया गया। प्रतियोगिता में पूर्व प्रधान कुंदन सिंह गुसाई, वरिष्ठ सदस्य जसवंत सिंह बिष्ट, दीवान सिंह पंवार और श्री दुर्गा माता मंदिर बद्रीनाथ भवन के पंडित कृष्णा नंद भट्ट ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में श्री दुर्गा माता मंदिर बद्रीनाथ भवन ढोलेवाल की महिला कीर्तन मंडली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। गुरपाल नगर कीर्तन मंडली ने दूसरा, मां दुर्गा कीर्तन मंडली स्वामी विवेकानंद नगर ग्यासपुरा ने तीसरा स्थान स्थान प्राप्त किया। महिला कीर्तन मंडली गढ़वाल गढ़वाल राठ त्रिपाठी सामाजिक संस्था, महिला कीर्तन मंडली कुंती नगर ने भी प्रस्तुतियां दी और सांत्वना पुरस्कार हासिल किया। महिला कीर्तन मंडली गगन नगर, महिला कीर्तन मंडली मक्कड़ कॉलोनी, जय वैष्णो कीर्तन मंडली अंबेडकर नगर, जय मां बूगी कीर्तन मंडली अंबेडकरनगर, गढ़वाल हिलांस महिला कीर्तन मंडली बच्चन सिंह नगर हैबोवाल ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया। समारोह में संस्था ने इगास महोत्सव के प्रबंधकीय समिति के संयोजक आत्मा राम तिवाड़ी और प्रबंधक भुवनेश भट्ट को विशेष तौर पर सम्मानित किया। इस मौके पर मंडल के महासचिव सैन सिंह भंडारी, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, कुलदीप बिष्ट, नंदन सिंह, शंकर सिंह, बलबीर सिंह, चंद्रमोहन सिंह नेगी, सुमन चमोली, रविंदर रावत, सोनू गुसाई, विजय शर्मा व अन्य उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रधान हरि सिंह नेगी ने कहा कि गढ़वाल भ्रातृ मंडल में महिलाओं को जोड़ने के लिए यह विशेष कार्यक्रम किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्तराखंड की संस्कृति से संबंधित लोक नृत्य, गीत व अन्य विधाओं से जुड़े कार्यक्रम पेश किए।

