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पंजाब आंगनवाड़ी जच्चा-बच्चा पोषण योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार: अनिल सरीन

आंगनवाड़ी, बच्चों का खाना कौन खा रहा है, मुख्यमंत्री जवाब दें- अनिल सरीन

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री तुरंत इस्तीफा दें

समाचारवाला/लुधियाना

भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भाजपा महासचिव अनिल सरीन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए छह साल तक के बच्चों और दूध पिलाने वाली माताओं के लिए पौष्टिक भोजन खरीदने के लिए करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं, और पता चला है कि पंजाब सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है।सरीन ने पूछा कि पंजाब सरकार गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और छह साल तक के बच्चों की जान से क्यों खेल रही है?माताओं और बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के बजाय उन्हें जहर परोसा जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में पत्रकारों के साथ सभी सबूत साझा किए, जिनमें कुछ वीडियो, फोटो और अखबारों की रिपोर्ट शामिल हैं। सरीन ने कहा कि *केंद्रीय पूरक पोषण कार्यक्रम* के तहत छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को स्वास्थ्य के लिए विटामिन, प्रोटीन, खनिज और अन्य आवश्यक तत्वों से युक्त पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सैकड़ों करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को फंड दिया जा रहा है, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के कारण उली लगे और घटिया खाद्य पदार्थ की आपूर्ति की जा रही है। इस फंगस युक्त घटिया भोजन को परोसने से इनकार करने वाली आंगनवाड़ी वर्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रईया की सीडीपीओ ने इस संबंध में “सब ठीक है” प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया और उन्हें निलंबित भी किया गया। लेकिन इन सभी घटिया खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाली फर्मों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि सरकार के साथ हुए समझौते में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि अगर किसी भी उत्पाद में कोई खराबी पाई जाती है, तो सात दिनों के भीतर उसे बदल दिया जाएगा, जबकि एक महीने से अधिक समय हो गया है और अभी तक उसे बदला नहीं गया है।इस धोखाधड़ी और सरकारी मिलीभगत का एक और सबूत यह है कि लंबे समय से यह योजना पंजाब में खाद्य पदार्थ उत्पादक सहकारी संस्था “वेरका” के माध्यम से चलाई जा रही थी, जिसके माध्यम से पंजीरी दी जा रही थी और वेरका ने इस उद्देश्य के लिए अपने पांच प्लांट भी लगाए थे और पौष्टिक आहार देने का काम चल रहा था। दो साल पहले, नई आम आदमी पार्टी, पंजाब सरकार ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए, वेरका का ठेका रद्द कर दिया और यह काम मार्कफेड को दे दिया, जो केवल एक मार्केटिंग एजेंसी है और मार्कफेड ने निजी निर्माता कंपनियों से खाद्य सामग्री खरीदी। हालाँकि, इस संबंध में, 2004 में और बाद में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक बहुत स्पष्ट निर्देश है कि *पोषाहार आपूर्ति का ठेका* केवल स्वयं सहायता समूहों, महिला मंडलों, सहकारी संगठन आदि को ही दिया जा सकता है। इसके बावजूद, भ्रष्टाचार के कारण, उन्होंने निजी कंपनियों को लाया, जिन्होंने आपस में मिलीभगत करके इस कार्यक्रम के तहत खिचड़ी, पंजीरी, नमकीन दलिया, मीठा दलिया आदि की आपूर्ति के लिए निविदाएँ भरीं। जब हमने इन फर्मों के बारे में विस्तार से जानकारी ली तो पता चला कि ये सभी फ़र्जी हैं और इनका इतिहास भी खराब है। वेरका द्वारा सप्लाई की जाने वाली पंजीरी में गेहूं का आटा, चीनी, बेसन, देसी घी और विटामिन शामिल होते थे। लेकिन अब वे जो सस्ता सामान सप्लाई कर रहे हैं उसमें आटा, चीनी, सोया और रिफाइंड तेल मिला हुआ है, रिफाइंड तेल देसी घी का मुकाबला कैसे कर पाएगा। इन निजी फर्मों को अधिकतम लाभ पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया गया है। एक और धोखाधड़ी यह है कि वेरका को आटा मुफ़्त नहीं दिया गया और इसे पंजाब सरकार द्वारा बेचा गया। लेकिन इन निजी फर्मों को पंजाब सरकार के अनुबंध के अनुसार आटा मुफ़्त दिया जाएगा। यह बड़े पैमाने पर सरकारी भ्रष्टाचार का कार्य है और बच्चों और गर्भवती महिलाओं को घटिया गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना कानूनी अपराध और पाप है। यह हमारे समाज के लिए भी चिंता का विषय है जहां पंजाब सरकार फंगस युक्त घटिया गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराकर हमारी आने वाली पीढ़ियों के साथ खिलवाड़ कर रही है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस नीति में एक और घपला है। 2023 में 10,46,056 लाभार्थी थे, जून 2024 में वे बढ़कर 15,67,634 हो गए।पंजाब में ऐसा क्या हो गया कि आंगनवाड़ी केंद्र में आने वाले लाभार्थियों की संख्या अचानक डेढ़ गुना हो गई? पंजाब सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि यह भी बहुत बड़ा घोटाला है।दूसरी बात यह है कि चंडीगढ़ स्वीट्स नामक एक निजी फर्म ने हिमाचल प्रदेश सरकार को इसी तरह की पंजीरी की आपूर्ति की थी और इस फर्म को वहां ब्लैक लिस्ट किया गया है।इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है और भारतीय जनता पार्टी पुरजोर मांग करती है कि आम आदमी सरकार लोगों की जिंदगी से खेलने की कोशिश न करे और अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान में जरा भी ईमानदारी है तो तुरंत निजी फर्मों को दिए गए ठेके रद्द करें। सीबीआई या किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के जज से जांच करवाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएं।अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह साफ है कि पंजाब में *बाड़ ही खेत को खा रही है*। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला प्रधान रजनीश धीमान,प्रदेश उपाध्यक्ष जतिंदर मित्तल,खजांची गुरदेव शर्मा देवी,जिला उपाध्यक्ष यशपाल जनोत्रा,पंकज जैन,जिला सचिव नवल जैन,सुखदेव बेदी,प्रेस सचिव डा.सतीश कुमार,प्रवक्ता सुरिंदर कौशल आदि मौजूद थे

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