
समाचारवाला/लुधियाना
सब रजिस्ट्रार दफ्तर में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के देरी से पहुंचने की बात सामान्य सी है। तहसीलदार अक्सर देरी से सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में पहुंचते हैं और पब्लिक को कह देते हैं कि डिप्टी कमिश्नर के साथ मीटिंग में गए थे या फिर डीसी के आदेश पर कहीं और डय़ूटी लगी थी। तहसीलदार व नायब तहसीलदार अब डीसी दफ्तर जाने या डीसी के साथ बैठक होने के नाम पर फरलो नहीं मार सकेंगे। डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल ने तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को स्पष्ट कह दिया कि सुबह नौ बजे सब रजिस्ट्रार दफ्तर में पहुंचकर अपना काम शुरू कर दें ताकि पब्लिक को परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि दफ्तर देरी से पहुंचने के लिए किसी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल को सूचना मिली थी कि सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में अफसरों के देरी से आने पर काम समय पर शुरू नहीं हो पाता। डीसी ने बुधवार को जिला माल अफसर समेत सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के साथ बैठक की। बैठक में माल महकमे के अफसरों को हर तरह की पैंडेंसी क्लीयर करने के निर्देश भी दिए। डीसी अफसरों को कहा कि जो भी लंबित इंतकाल हैं उन्हें जल्दी से जल्दी निपटाया जाए। यही नहीं डीसी ने अफसरों को कहा कि वो अब खुद रोजाना इंतकाल की पैंडेंसी रिपोर्ट लेंगे। इसके लिए वो जल्द ही एक मैकेनिज्म तैयार करेंगे ताकि पब्लिक को परेशानी न हो। डीसी ने उन्हें राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने, डिफॉल्टरों से बकाया राशि वसूलने, अदालती मामलों का प्रबंधन करने, जांच करने और सीमांकन से निपटने की प्रक्रियाओं में तेजी लाने के आदेश भी दिए। डीसी ने अधिकारियों को अदालतों में लंबित राजस्व मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने और उन्हें रोजाना रिपोर्ट देने को भी कहा। उन्होंने राज्य सरकार के राजस्व को बढ़ाने के लिए अधिकारियों को वसूली को प्राथमिकता देने को भी कहा। डीसी ने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा जबकि गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
