–डीसी दफ्तर की पार्कि ग में दबोचार मोटर साइकिल चोर, जमकर की छित्तर परेड
फर्स्ट समाचार/लुधियाना
मोटरसाइकिल चोरों ने डीसी के दफ्तर व आवास के आसपास के एरिया को सॉफ्ट टारगेट बना दिया। चोर इन दोनों हाई सिक्योरिटी एरिया में एक के बाद एक मोटार साइकिल चोरी कर रहे हैं। करीब एक साल से जिला प्रशासकीय कांप्लैक्स की मल्टी स्टोरी पार्किग से वाहन चोरी हो रहे हैं। लेकिन अभी तक वाहन चोर पुलिस के हाथ नहीं लगा। वाहन चोर ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के कर्मचारियों की पार्किग में मोटर साइकिल चोरी करने का प्रयास किया जिसे वहां फड़ी लगाने वाले व्यक्ति ने पकड़ लिया और पार्किग के गेट पर तैनात कर्मी को सूचना दी। उसके बाद जिस कर्मचारी का मोटर साइकिल था वह भी मौके पर आ गया और वहां मौजूद लोगों ने उसकी जमकर छित्तर परेड की। डीसी दफ्तर की गार्द भी मौके पर पहुंची और उन्होंने वाहन चोर को कोचर मार्केट चौकी के हवाले कर दिया।
एसडीएम का ड्राइवर गुरजीत सिंह सुबह दफ्तर आया और उसने अपनी बाइक डीसी दफ्तर के सामने मुलाजिमों की पार्किग में खड़ी की। उसके बाद वह अंदर चले गया। वाहन चोर करीब 11.13 बजे पार्किग में पहुंचा और वह रेलिंग के साथ लगी बाइकों को देखने लगा। इतने में उसे वहां पर एसडीएम के ड्राइवर की स्पलैंडर दिखी तो उसने उसका लॉक खोलना शुरू किया। वह लॉक खोलता इससे पहले वहां फड़ी लगाने वाले ने उसे पकड़ दिया। वाहन चोर नशे में धुत था और जब लोगों ने उसकी पिटाई की तो वह मान गया कि बाइक चोरी कर रहा था। इसी बीच एक अन्य युवक वहां पहुंचा और उसने बताया कि इसी व्यक्ति ने तीन दिन पहले डीसी रैजिडेंस के पास भी मोटर साइकिल चोरी किया। जिसकी सीसीटीवी फुटेज उसके पास मौजूद है। बाद में वाहन चोरी करने आया व्यक्ति भी मान गया कि उसने वहां से भी बाइक चोरी की थी। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में उसने माना कि वह पहले भी कई बार बाइक चोरी कर चुका है। यही नहीं इस वाहन चोर पर 2018 में कुमकलां थाने में वाहन चोरी का पर्चा हुआ था और इस केस में वह अभी जमानत पर जेल से बाहर आया है। डीसी दफ्तर की गार्द ने बताया कि पकड़े गए वाहन चोर को कोचर मार्केट पुलिस के हवाले कर दिया है।
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सीआईडी वालों ने खींची फोटो तो निकल आया क्रिमनल रिकार्ड
वाहन चोर पकड़ने की सूचना मिलते ही इंटेलीजैंस विंग में काम करने वाले कर्मचारी भी वहां पहुंच गए। इंटेलीजैंस विंग के कर्मचारी ने जब अपने सॉफ्टवेयर में चोर की फोटो अपलोड की तो उसका सारा बायोडाटा सामने आ गया। सॉफ्टवेयर के मुताबिक उक्त बाइक चोर का नाम पंकज है और यह खन्ना के बगली कलां का रहने वाला है। इस पर पहले भी चोरी का मामला दर्ज है और वर्तमान में वह जमानत पर जेल से बाहर आया है। डीसी दफ्तर की गार्द ने जब उससे प्राथमिक पूछताछ की तो उसने अपना नाम पंकज बताया और बगली कलां का निवासी बताया। यही नहीं उसने यह भी माना की तीन दिन पहले रखबाग के पास से भी एक मोटर साइकिल चोरी किया था।
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पार्किग का कांट्रैक्ट न होने पर मल्टी स्टोरी पार्किग से भी हो रहे वाहन चोरी
डिप्टी कमिश्नर दफ्तर की मल्टी स्टोरी पार्किग का कांट्रैक्ट करीब एक साल से किसी के पास नहीं है। लोगों को पार्किग की फ्री सुविधा जरूर मिल रही है लेकिन वाहन चोरों के लिए यह पार्किग सॉफ्ट टारगेट बन चुकी है। इस पार्किग में से साइकिल से लेकर मोटर साइकिल-कार तक चोरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद डीसी दफ्तर की मल्टी स्टोरी पाíकंग में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं की गई और न ही प्रशासन ने इस पार्किग को ठेके पर देने की कवायद शुरू की। जिला नाजर रजिंदर कौर का कहना है कि पार्किग को कांट्रैक्ट पर देने के लिए फाइल फिर से मूव कर दी गई है
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स्पलैंडर का लॉक खोलकर स्टार्ट करना आसान
पकड़े जाने पर जब वहां मौजूद लोगों व डीसी दफ्तर की गार्द में तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे कहा कि वह मोटर साइकिल का लॉग कैसे खोलता है और स्टार्ट कैसे करता है। जिस पर उसने बताया कि स्पलैंडर बाइक का लॉक तोड़ना सबसे आसान है। उसके बाद उसे किक मारकर आसानी से स्टार्ट कर दिया जाता है। यही नहीं उक्त व्यक्ति वहां मौजूद कर्मचारियों व पुलिस कर्मियों को लेकर बाइक के पास गया और पहले लॉक तोड़ने का तरीका दिखाने लगा।
