-पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं लेनी बंद की,
एससीईआरटी ने अभी तक निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा के बारे में स्पष्ट नहीं किया
समाचारवाला/ लुधियाना
: गैर सहायता प्राप्त, एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों के पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा होगी या नहीं इस पर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस साल पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा लेने से इंकार कर दिया और शिक्षा विभाग ने यह जिम्मेदारी अब स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रैनिंग(एससीईआरटी) को सौंप दी। एससीईआरटी ने सरकारी स्कूलों को पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के संबंध में निर्देश जारी कर दिए लेकिन निजी स्कूलों को लेकर अभी तक कोई भी निर्देश जारी नहीं हुए। स्कूल संचालक भी इस पशोपेश में हैं कि विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा होगी या नहीं।
कुछ साल पहले तक शिक्षा विभाग अपने स्तर पर पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा लेता था। बाद में शिक्षा विभाग ने इसकी जिम्मेदारी एससीईआरटी को दे दी। कई वर्षो तक एससीईआरटी ही इस परीक्षा को लेता रहा लेकिन शिक्षा विभाग ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं लेने की जिम्मेदारी कुछ वर्ष पूर्व पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंप दी। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस न आने के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा खत्म करने का फैसला लिया और इस संबंध में शिक्षा विभाग को सूचित किया। शिक्षा विभाग ने एससीईआरटी को पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा लेने को कह दिया लेकिन निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा का फैसला अभी भी हवा में लटका हुआ है। एससीईआरटी ने न तो विद्यार्थियों का रजिस्ट्रैशन करवाया और न ही निजी स्कूलों से परीक्षा फीस ली जबकि परीक्षाएं फरवरी में होनी हैं। स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि एससीईआरटी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करे ताकि निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का संशय खत्म हो सके। भुवनेश भट्ट ने बताया कि शिक्षा विभाग को इस बारे में जल्दी से जल्दी नोटिफिकेशन जारी करने का आग्रह हकिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अगर आखिरी समय में बोर्ड परीक्षा लेने का फरमान जारी करेगा तो बच्चों का रजिस्ट्रैशन करना, फीस जमा करवाना व अन्य कार्य तुरंत करना मुश्किल हो जाएगा।

