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कोरोना का विद्यार्थियों के करियर पर साइड इफेक्ट

-पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कोरोना काल में दसवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मार्कशीट पर अंकों का जिक्र नहीं किया

-बच्चों को नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के आवेदन फार्म भरने व कॉलेजों के जरिए प्लेसमेंट लेने में आ रही दिक्कत

समाचारवाला/लुधियाना

: कोविड यानि कोरोना का साइड इफेक्ट सिर्फ लोगों की सेहत पर ही नहीं बल्कि उनके करियर पर भी दिखने लगा है। कोरोना काल में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से दसवीं व बारहवीं कक्षा पास करने वाले स्टूडैंट्स इन दिनों अजीबो-गरीब परेशानी से जूझ रहे हैं। बोर्ड ने विद्यार्थियों को वर्ष 2020 में जो मार्कशीट जारी की हैं उनमें कुल अंक, प्राप्त अंक और प्राप्तांक प्रतिशत कुछ भी अंकित नहीं किया गया है। विद्यार्थी जब नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उसमें उनसे कुल अंक और प्राप्तांक प्रतिशत या प्राप्त अंक पूछे जा रहे हैं। यही नहीं कॉलेजों के जरिए प्लेसमेंट देते समय कंपनियां भी विद्यार्थियों से प्राप्तांक प्रतिशत मांग रही हैं। मार्कशीट में यह चीजें दर्ज नहीं होने के कारण विद्यार्थी आवेदन फार्म में उसे दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। आवेदन फार्म भरते वक्त विद्यार्थी फिर प्राप्त ग्रेड के अनुसार अंदाजे से प्राप्तांक प्रतिशत भर रहे हैं जो कि बाद में बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

कोविड के समय 2020 में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं नहीं ली। स्कूलों से प्राप्त सीसीई के आधार पर बोर्ड ने विद्यार्थियों को ग्रेड जारी किए। मार्कशीट में भी ग्रेड ही दर्ज किए गए हैं लेकिन आखिर में कुल अंक और प्राप्तांक प्रतिशत दर्ज नहीं किया गया है जबकि सीबीएसई ने विद्यार्थियों को सीजीपीए सिस्टम में मार्किग की और मार्कशीट में कुल अंक के साथ प्राप्तांक प्रतिशत दर्ज किया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट में प्राप्तांक प्रतिशत, कुल अंक दर्ज न होने पर कुछ विद्यार्थियों ने बोर्ड से अंक दर्ज करने की मांग की लेकिन बोर्ड ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। बोर्ड ने विद्यार्थियों को साफ कर दिया कि जब कोई संस्थान उनसे अंकों की जानकारी मांगेगा तो वो संस्थान को जानकारी उपलब्ध करवा देंगे पर विद्यार्थियों को यह जानकारी नहीं दी जाएगी।

परीक्षा फीस विद्यार्थियों ने भरी तो उन्हें जानकारी क्यों नहीं दी जा रही

स्कूल संघ के अध्यक्ष जर्नाधन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल नयन शर्मा व महासचिव भुवनेश भट्ट ने बताया कि बच्चे स्कूलों में आकर अपनी मार्कशीट पर अंक दर्ज करवाने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब बोर्ड से इस संबंध में बात कर रहे हैं तो बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि वो बच्चों या स्कूल संचालकों को अंकों के संबंध में जानकारी नहीं दे सकते। अगर कोई संस्थान बच्चों के अंक के संबंध में जानकारी मांगेगा तो उन्हें उपलब्ध करवा दी जाएगी। जर्नाधन भट्ट, कमलनयन शर्मा व भुवनेश भट्ट का कहना है कि जब परीक्षा फीस बच्चों ने भरी है तो बोर्ड को यह जानकारी उन्हें देने में क्या परेशानी है। उनका कहना है कि जब बच्चे आवेदन फार्म ही नहीं भर पाएंगे तो नौकरी देने वाले संस्थान बोर्ड से जानकारी कहां से मांगेंगे।

प्लेसमेंट के लिए मांगी जा रही जानकारी

बीटैक थर्ड इयर के छात्र आयुष व बीसीए फाइनल इयर के छात्र दिव्यांशु का कहना है कि प्लेसमेंट के लिए प्रोफाइल तैयार करवाई जा रही है। प्रोफाइल में कंपनियां दसवीं व बारहवीं कक्षा में प्राप्तांक प्रतिशत की डिमांड कर रहे हैं। उनका कहना है कि बोर्ड से मार्कशीट में अंक अंकित करने के लिए आवेदन किया लेकिन बोर्ड ने उन्हें अंक वाली मार्कशीट देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि ग्रेड के हिसाब से खुद ही प्राप्तांक प्रोफाइल में लिख दिए लेकिन जब कंपनी जॉब देगी तो उस समय सभी दस्तोवेजों की जांच होगी और उसमें अंक नहीं होंगे तो उनकी दावेदारी रिजैक्ट भी हो सकती है। नीट परीक्षा का आवेदन करने वाली छात्र अनीषा का कहना है कि आवेदन फार्म में उससे प्राप्तांक मांगे गए हैं लेकिन उसकी मार्कशीट में ऐसा कुछ भी दर्ज नहीं है। बोर्ड से उन्हें ऐसी जानकारी नहीं दी जा रही है जिससे उसे नीट का फार्म भरने में परेशानी हो रही है।

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