
– राज्य मिलेट मिशन की बैठक में तैयार हुई मोटे अनाज की खरीद-बिक्री की रूपरेखा
– किसानों से 38.64 रुपए प्रति किलो की दर पर खरीद करेगी सहकारी समितियां
फर्स्ट समाचार/देहरादून
कोदा-झंगोरा अब उत्तराखंड के किसानों की आजीविका सुधार में अहम किरदार निभाएगा। राज्य मिलेट मिशन के तहत मंडवा समेत अन्य मोटे अनाज की खरीद-बिक्री पर जोर दिया जा रहा है। जनपद के अधिकारियों ने भी इसके लिए कमर कस ली है। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में सहकारिता, कृषि एवं संबंधित विभागों ने जनपद में मिशन के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की।
मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने विकास भवन सभागार में आयोजित राज्य मिलेट मिशन-2023 की बैठक के दौरान कहा कि दुनियाभर में 2023 अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 समेत अन्य मंचों पर मोटे अनाज को एक वैश्विक पहचान दिलाई है। उत्तराखंड का कोदा यानी मंडवा, चोलाई समेत अन्य मोटा अनाज ऑर्गेनिक होने के चलते हमेशा ही डिमांड में रहा है। मिलेट मिशन ने इसकी मांग को और बढ़ावा दिया है, ऐसे में राज्य सरकार की ओर से इस सत्र में जनपद को 12 हजार कुंतल मंडवा उत्पादन का लक्ष्य दिया है। किसानों में मंडवे की खेती को बढ़ावा देने के लिए मंडवा 38.64 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को किसानों द्वारा मंडवा बिक्री के लिए गांव से क्रय केंद्र पर लाने की पूरी व्यवस्था बनाने एवं इसके लिए ढुलान कैसे आवंटित किया जाएगा, इसके लिए स्पष्ट रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा क्षेत्रीय अधिकारी/कर्मचारियों को राज्य मिलेट मिशन सत्र 2023-24 हेतु लक्ष्य आंवटित किए गए। उन्होंने न्याय पंचायतवार लक्ष्य आंवटित किए जाने के उपरांत मिलेट खरीद दर के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की। जिला सहायक निबंधक सहकारिता रणजीत सिंह राणा द्वारा समस्त एमपैक्स सचिवों की लक्ष्य आवंटित कर किसानों को क्रय मिलेट को भण्डारण करने के 72 घंटे के अंदर संबंधित किसान को भुगतान करने के निर्देश दिए गए। राणा ने बताया कि समूहों या समितियों को मंडवे की बिक्री पर प्रति कुंतल 150 रुपए प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। बताया कि सहकारी समितियों को मंडवे के ढुलान के लिए 50 हजार प्रति क्रय केंद्र सरकार कृषि विभाग के माध्यम से आवंटित करेगी, जिससे किसानों को ढुलान खर्च वहन न करना पड़े।
