–लुधियाना में कई धार्मिक स्थलों पर हुए कार्यक्रम, धर्म जागरण समन्वय पंजाब के प्रमुख राम गोपाल ने लिया कई कार्यक्रमों में हिस्सा
– एक अक्तूबर तक प्रदेशभर में मंदिरों व धार्मिक संस्थाओं के साथ मनाई जाएंगी पंडित जी की जयंती: राम गोपाल
फर्स्ट समाचार /लुधियाना
‘ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे’ आरती हर सनातनी के घर, सनातन धर्म के धार्मिक स्थलों व कार्यक्रमों में गाई जाती है। लेकिन ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि इस आरती की रचना किसने की। धर्म जागरण समन्वय पंजाब ने ओम जय जगदीश हरे के रचियता पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी के जीवन से सनातन धर्मावलंबियों को रूबरू करवाने के लिए व्यापक मुहिम शुरू की है। धर्म जागरण समन्वय पंजाब 24 सितंबर से एक अक्तूबर तक पूरे राज्य में धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम करके लोगों को पंडित जी के जीवन के बारे में जानकारी देगी। इसकी शुरूआत धर्म जागरण समन्वय पंजाब के प्रमुख राम गोपाल ने लुधियाना में रविवार को की। रविवार को लुधियाना में एक दर्जन से अधिक जगहों पर कार्यक्रम करवाए गए जिसमें पहले आरती का गायन किया गया और उसके बाद पंडित जी के जीवन पर प्रकाश डाला गया। लुधियाना में विवेकधाम नूरवाला रोड , शिव मंदिर मिलर गंज, नंदेश्वर मंदिर काली सड़क समेत कई जगहों पर कार्यक्रम हुए। राम गोपाल ने बताया कि पंडित जी की लिखी आरती ने सनातन धर्मावलंबियों को एक सूत्र में बांधने का काम किया है। उन्होंने बताया कि धर्म जागरण समन्वय पंजाब ने फैसला किया है कि इस साल एक व्यापक मुहिम के जरिए लोगों को उनके जीवन से रूबरू करवाया जाएगा। पंडित जी का जन्म 30 सितंबर 1837 को पंडित जय दयालु जोशी व विष्णु देवी के घर फिल्लौर में हुआ था। उन्होंने कहा कि पंडित जी ने हिंदी व पंजाबी दोनों भाषाओं में साहित्य की रचना की है। उनकी रचनाएं भक्ति से ओतप्रोत रही हैं। उन्होंने कपूरथला के राजा रणधीर सिंह को धर्म परिवर्तन न करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पंडित जी ने धर्मातरण के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। उन्होंने लोगों को गीता, भागवत, रामायण, महाभारत पर प्रवचन कर आपनी संस्कृति से जोड़े रखा। इस मौके पर विभाग संयोजक कमलदेव, पंकज ग्रोवर, विकास दूबे, हर्ष कौशिक, राजिंदर आहूजा, योगेश जैन, योगेश शर्मा, दीपक शर्मा, बल¨वदर सग्गड़, राजिंदर आहूजा, यशपाल मल्होत्र, पवन मेहरा,गया दत्त व अन्य ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
