-देशभर में प्रति दिन अरबों लीटर पानी बर्बाद कर देता है आरओ
प्रियंका भट्ट
देश के हर कोने में भूजल स्तर गिरता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों में भी जमीनी पानी का संदोहन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में बड़ी मात्र में पानी की बर्बादी हो रही है। जितना पानी बर्बाद हो रहा है वो सारा का सारा पानी जमीन के नीचे से निकाला जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में सप्लाई सिस्टम ठीक न होने के कारण लोगों ने घरों में पानी को साफ करने के लिए आरओ सिस्टम लगा दिए हैं। लेकिन पानी की बर्बाद करने में इन आरओ का सबसे बड़ा हाथ है। एक लीटर साफ पानी हासिल करने के लिए तीन लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। अगर पूरे देश की बात करें तो रोजाना अरबों लीटर पानी ये आरओ सिस्टम के जरिए बर्बाद हो रहा है।
अगर 40 लाख आबादी वाले शहर को आधार मान लिया जाए तो उसमें दस लाख के करीब परिवार होंगे। जिसमें से करीब पांच लाख परिवारों ने आरओ सिस्टम लगाए हैं। एक परिवार अगर रोजाना पीने के लिए दस लीटर पानी आरओ से लेता है तो रोजाना एक परिवार 30 लीटर पानी बर्बाद कर देता है। हिसाब लगाया जाए तो 40 लाख आबादी वाला एक शहर एक दिन में कम से कम 1.5 करोड़ लीटर पानी की बर्बादी कर देता है।
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टीडीएस लेवल 500 है तो पी सकते हैं पानी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि अगर पानी का टीडीए लेवल (टोटल डिजाल्व सॉलिड) 500 से कम होता है तो पानी को पी सकते हैं। कैल्शियम, क्लोराइड, सोडियम, मैग्निशियम व कुछ अन्य तत्व हैं जो पानी में घुले होते हैं और ये भी टीडीएस का हिस्सा होते हैं। आरओ में पानी को साफ करते वक्त रिवर्स ओस्मोसिस प्रोसेस से ये तत्व भी कम हो जाते हैं। ये सभी तत्व इंसान के लिए फायदेमंद हैं। इनके निकलने से टीडीएस लेवल 100 के नीचे चले जाता है।
आरओ से कम हो जाता है टीडीएस लेवल
वाटर टैस्टिंग लैब पटियाला के प्रमुख कैलाश चंद्र बताते हैं कि पंजाब के शहरों में जो इंडस्ट्रियल जोन हैं वहां पर भी ग्राउंड वाटर का टीडीएस लेवल 400 से ज्यादा नहीं है। वहीं रिहायशी इलाकों में टीडीएस लेवल इससे भी कम हो जाता है। उनका कहना है कि टीडीएस लेवल 500 से कम है तो उसे सीधे पीया जाना चाहिए। आरओ पानी का टीडीएस लेवल 100 से नीचे लेकर आता है जिससे मिनरल जैसे कि जिंक, कैल्शियम, क्लोराइड, मैग्निशियम जैसे तत्व कम हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पानी का टीडीएस लेवल 1200 हो तो आरओ से इसका लेवल 70 तक आ जाता है। लेकिन इसमें मिनरल खत्म हो जाते हैं।
नियमित करवाएं पानी जांच
- पानी के टीडीएस की जांच नियमित तौर पर करें। टीडीएस 300 से कम है तो आरओ का इस्तेमाल न करें।
-आरओ से निकलने वाले वेस्ट पानी का इस्तेमाल घर के बाकी कामों में करें।
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आरओ के पानी से बढ़ रही है जोड़ों के दर्द की समस्या
विशेषज्ञ बताते हैं कि जैसे ही आरओ की प्रचलन बढ़ा है वैसे ही लोगों में जोड़ों के दर्द की समस्या भी बढ़ने लगी है। डॉक्टर बताते हैं कि शरीर को कुछ मिनरल की जरूरत होती है जो कि पानी से मिलते हैं। अगर पानी में से वो मिनरल गायब हो जाएं तो शरीर में उनकी कमी हो जाती है। कैल्शियम का बड़ा स्नेत पानी को माना जाता है। अगर पानी में आरओ कैल्शियम निकाल देगा तो शरीर में कैल्शियम की कमी आएगी और जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ जाएगी।
