Site icon समाचारवाला

आरटीए सैक्रेटरी की सरकारी गाड़ी का न इंश्योरैंस न पॉल्युशन क्लीयरैंस


आरटीए सैक्रेटरी की कार खरीदने के वक्त सिर्फ एक बार की गई 2016 तक इंश्यारैंस
-2020 से नहीं पॉल्युशन क्लीयरैंस सर्टिफिकेट नहीं बनवाया


फर्स्ट समाचार/लुधियाना

लुधियाना जिले में मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करवाने की जिम्मेदारी रिजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी लुधियाना की सैक्रेटरी डॉ पूनमप्रीत कौर के कंधों पर है। डॉ पूनमप्रीत कौर आए दिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में नाकेबंदी करके वाहनों की जांच करती हैं और नाके से ही रोजाना वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों व व्हीकल ऑपरेटरों को मोटर व्हीकल एक्ट का पालन न करने पर चालान काटने व वाहन बंद करने की चेतावनी देती हैं। यही नहीं दस्तावेज पूरा न होने पर वाहनों को बंद भी कर रही हैं। लेकिन आरटीए सैक्रेटरी डॉ पूनमप्रीत कौर ने कभी उस गाड़ी के दस्तावेजों पर नजर नहीं मारी जिसमें वो रोजाना सफर करती हैं। उनकी सरकारी गाड़ी की आठ से इंश्योरैंस रिन्यू नहीं हुए जबकि तीन साल से गाड़ी के पॉल्युशन की जांच नहीं कराई।


आरटीए सैक्रेटरी लुधियाना की गाड़ी का नंबर पीबी-11बीयू-6827 है जो कि आरटीए पटियाला में रजिस्टर्ड है। गाड़ी सात साल नौ माह पूर्व खरीदी गई। एम परिवहन एप पर दर्ज रिकार्ड के मुताबिक गाड़ी की रजिस्ट्रेशन तीन दिसंबर 2015 को करवाई गई। गाड़ी की फिटनेस वेलिडिटी 2 दिसंबर 2030 तक है। खरीदने के वक्त रजिस्ट्रेशन के लिए गाड़ी की इंश्योरैंस एक साल के लिए करवाई गई जिसकी वैद्यता 19 नवंबर 2016 तक थी। उसके बाद कभी भी इस गाड़ी की इंश्योरैंस नहीं करवाई गई। यानि इन सात साल नौ महीनों में सिर्फ एक बार गाड़ी की इंश्योरैंस करवाई गई। वहीं गाड़ी की हर छह माह में पॉल्युशन की जांच करवाकर पॉल्युशन क्लीयरैंस सर्टिफिकेट बनवाना होता है। लेकिन 2 जून 2020 से अब तक एक बार भी आरटीए सैक्रेटरी ने पॉल्युशन क्लीयरैंस सर्टिफिकेट नहीं बनवाया। जबकि आरटीए सैक्रेटरीकी गाड़ी में डीजल इंजन है।

गाड़ी का इंश्योरैंस न करवाना कानूनन अपराध
गाड़ी का इंश्योरैंस दो तरह से होता है। पहला फुल इंश्योरैंस जिसमें गाड़ी, गाड़ी में बैठे लोगों का इंश्योरैंस होता है। यानि दुर्घटना में कोई नुकसान होता है तो इसकी भरपाई कंपनी को करनी होती है। यहां तक कि दुर्घटना में अगर किसी अन्य को भी क्षति पहुंचती है तो इसकी भरपाई इंश्योरैंस कंपनी को करना होता है। जबकि दूसर थर्ड पार्टी इंश्योरैंस करना होता है। गाड़ी का कम से कम थर्ड पार्टी इंश्योरैंस होना जरूरी है ताकि दुर्घटना में किसी तीसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई इंश्योरैंस कंपनी को करनी पड़ती है। अगर थर्ड पार्टी इंश्योरैंस न हो तो वाहन चालक या वाहन मालिक को इसकी भरपाई करनी होती है और इसे कानूनन अपराध की श्रेणी में भी रखा जाता है।


इंश्योरैंस का 2000 रुपये और प्रदूषण का 5 हजार जुर्माना
अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरैंस नहीं है तो आरटीए सैक्रेटरी 2000 रुपये का चालान काटकर आपके हाथ में थमा देती है। इसी तरह अगर आपके पास पॉल्युशन क्लीयरैंस सर्टिफिकेट नहीं है तो 5 हजार रुपये का चालान काटा जाता है। अब देखना है कि क्या आरटीए सैक्रेटरी खुद की गाड़ी का चालान भी काटती हैं या नहीं। इसके अलावा क्या आरटीए सैक्रेटरी उन कर्मचारियों के खिलाफ भी कोई एक्शन लेंगी जिनको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Exit mobile version